UPSC सिलेबस हिंदी में: सम्पूर्ण मार्गदर्शिका:
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारत सरकार की संवैधानिक संस्था है जो सिविल सेवा चयन परीक्षा आयोजित करती है। यह परीक्षा देश में आईएएस, आईएफएस, आईपीएस जैसे प्रतिष्ठित सेवा-नियमों में चयन के लिए होती है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है – प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और व्यक्तित्व/साक्षात्कार। प्रत्येक चरण के लिए अलग पाठ्यक्रम (सिलेबस) होता है। UPSC अपना सिलेबस अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यमों में जारी करता है, जिससे देश के हिंदी माध्यम के छात्र भी आसानी से तैयारी कर सकें।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा के मुख्य विषयों में भारतीय इतिहास, विश्व इतिहास, भारतीय तथा विश्व भूगोल, सामाजिक और आर्थिक भूगोल, आर्थिक-सामाजिक विकास, भारतीय राजनीति-शासन (संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायत राज, लोकनीति आदि), पर्यावरण-पर्यावरण विज्ञान, विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं समसामयिक घटनाएँ शामिल हैं। इन विषयों का अवलोकन करने के बाद तैयारी शुरू करनी चाहिए। नीचे हम UPSC के प्रत्येक चरण का विस्तृत सिलेबस, विषयवार विवरण, तैयारी रणनीति, साक्षात्कार टिप्स, हिंदी पुस्तक सूची तथा सिलेबस पीडीएफ संबंधी जानकारी दे रहे हैं।
UPSC परीक्षा पैटर्न और संरचना
UPSC सिविल सेवा परीक्षा के हर स्तर का अपना पैटर्न है:
| परीक्षा स्तर | पेपर | मुख्य विषय (उदाहरण) | अवधि | अंक |
|---|---|---|---|---|
| प्रारंभिक परीक्षा | GS पेपर I (सामान्य अध्ययन) | इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सामान्य विज्ञान, समसामयिक घटनाएँ | 2 घंटे | 200 |
| GS पेपर II (सीएसएटी) | लॉजिकल रीज़निंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, संचार कौशल (33% अंक कटऑफ) | 2 घंटे | 200 (वस्तुनिष्ट) | |
| मुख्य परीक्षा | पेपर I: निबंध | विविध सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक विषयों पर निबंध | 3 घंटे | 250 |
| पेपर II: GS-I | भारतीय विरासत, इतिहास, भूगोल | 3 घंटे | 250 | |
| पेपर III: GS-II | भारतीय राजनीति-शासन, नीति, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, समाज विषय | 3 घंटे | 250 | |
| पेपर IV: GS-III | आर्थिक विकास, पर्यावरण-पारिस्थितिकी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, आंतरिक सुरक्षा | 3 घंटे | 250 | |
| पेपर V: GS-IV | नैतिकता (अचरण-नीति, मानव मूल्य, ईमानदारी, कर्तव्य आदि) | 3 घंटे | 250 | |
| पेपर VI: वैकल्पिक-I | उम्मीदवार द्वारा चयनित वैकल्पिक विषय (विषयानुसार) | 3 घंटे | 250 | |
| पेपर VII: वैकल्पिक-II | उम्मीदवार द्वारा चयनित वैकल्पिक विषय (विषयानुसार) | 3 घंटे | 250 | |
| मूल्यांकन (योग्यता) | भारतीय भाषा (हिंदी इत्यादि) | मुख्य परीक्षा में चुनी गई मातृभाषा का पेपर (लिखित) | 3 घंटे | 300 (क्वालिफाइंग) |
| अंग्रेज़ी (या विकल्प) | अंग्रेजी भाषा कौशल (लिखित) | 3 घंटे | 300 (क्वालिफाइंग) |
- प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में वस्तुनिष्ठ (Objective) दो पेपर होते हैं। पेपर I (GS-I) में इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति-शासन, सामान्य विज्ञान व समसामयिक घटनाओं से प्रश्न होते हैं। पेपर II (CSAT) में तर्क, संख्यात्मक क्षमता और संचार कौशल संबंधी प्रश्न होते हैं; इसमें न्यूनतम 33% अंक होना अनिवार्य है।
- मुख्य परीक्षा (Mains) में सात अंकगणितीय पेपर होते हैं जिनके अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाते हैं। इनमें एक निबंध पेपर, चार सामान्य अध्ययन पेपर (GS-I से GS-IV), दो वैकल्पिक विषय पेपर और दो भाषा क्वालिफाइंग पेपर (हिंदी/अन्य भारतीय भाषा तथा अंग्रेज़ी) शामिल हैं। चार जीएस पेपर्स और वैकल्पिक पेपर्स का स्कोर अंतिम मेरिट के लिए गिना जाता है।
(UPSC Prelims Syllabus)UPSC सिलेबस हिंदी में
UPSC सिलेबस हिंदी में प्रारंभिक परीक्षा उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य बनाने के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा की तरह होती है। इसके पाठ्यक्रम में निम्न विषय शामिल हैं:
- इतिहास (Ancient, Medieval, Modern भारत) – भारत का प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम इत्यादि।
- भूगोल – भारत और विश्व का भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल। (NCERT कक्षा 6-12 की पाठ्यपुस्तकें पर्याप्त हैं)।
- भारतीय राजनीति एवं शासन – भारतीय संविधान, राजव्यवस्था, भारत सरकार की संरचना, पंचायती राज, केंद्र-राज्य संबंध आदि।
- अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक विकास – भारतीय अर्थव्यवस्था, सतत विकास, गरीबी, सामाजिक समावेशन, जनसंख्या, योजनाएं और नीतियाँ।
- पर्यावरण और पारिस्थितिकी – पर्यावरणीय मुद्दे, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन।
- सामान्य विज्ञान – विज्ञान के मूल सिद्धांत (आधारभूत जीवविज्ञान, भौतिकी, रसायन शास्त्र) और तकनीकी प्रगति।
- समसामयिक घटनाएँ – राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की खबरे, घटनाएं और मुद्दे।
नोट: प्रीलिम्स पेपर I में इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान व समसामयिक घटनाएं शामिल हैं। दूसरे पेपर (CSAT) के लिए उत्तरदाताओं को न्यूनतम 33% अंक लाना आवश्यक है। CSAT में ज्यादातर तर्क, गणितीय योग्यता और अंग्रेज़ी/हिंदी समझनी क्षमता की परीक्षा होती है।
(UPSC Mains Syllabus)UPSC सिलेबस हिंदी में
UPSC सिलेबस हिंदी में मुख्य परीक्षा में निबंध व सामान्य अध्ययन के चार पेपर्स और द्विपत्र वैकल्पिक विषय शामिल हैं। प्रत्येक पेपर की मुख्य विषय-वस्तु इस प्रकार है:
- निबंध (Essay) – दो विषयों पर विस्तृत निबंध लिखने होते हैं, जहाँ प्रश्न विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक व तकनीकी विषयों पर हो सकते हैं। वस्तुनिष्ठ सिद्धांतों के बजाय सोच-विचार और विषय की गहराई पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
- सामान्य अध्ययन-I (GS1) – भारतीय विरासत, इतिहास (प्राचीन-मध्य-आधुनिक) और भूगोल (भारत एवं विश्व)। कला-संस्कृति भी इसमें सम्मिलित है। उदाहरण के लिए, प्राचीन भारत की प्रमुख सभ्यताएं, मध्यकालीन भारत के राजवंश, स्वतंत्रता संग्राम आदि।
- सामान्य अध्ययन-II (GS2) – भारत की राजनीति-शासन (संविधान, राजनीतिक संस्थाएँ, नीतियाँ), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (विश्व राजनीति, भारत की विदेशनीति) तथा समाज विज्ञान (समाज संरचना, सामाजिक न्याय)। इसमें संविधान, पंचायती राज, सामाजिक मुद्दे आदि पर प्रश्न आते हैं।
- सामान्य अध्ययन-III (GS3) – आर्थिक विकास (भारत की अर्थव्यवस्था, योजना-नियोजन, गरीबी, कृषि, उद्योग), पर्यावरण-प्रबंधन (पर्यावरण नीति, सतत विकास) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषय। उदाहरणस्वरूप, सतत विकास लक्ष्य, जल प्रबंधन, विज्ञान-प्रौद्योगिकी के मामले, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियाँ आदि।
- सामान्य अध्ययन-IV (GS4) – नीतिशास्त्र एवं नैतिकता (Ethics) – इसमें मानवीय मूल्य, नैतिक व्यवहार, भ्रष्टाचार निवारण, प्रशासनिक ईमानदारी जैसे विषय शामिल होते हैं। उत्तर के लिए मामलों पर आधारित प्रश्न दिए जाते हैं, जिनसे उम्मीदवार की नैतिक समझ और मूल्यनिष्ठा का पता चलता है।
मुख्य परीक्षा में इसके अलावा दो वैकल्पिक विषय (प्रत्येक दो पेपर) का चयन करना होता है, जिसे उम्मीदवार अपनी रुचि अनुसार चुनते हैं। साथ ही दो भाषा-संबंधी क्वालिफाइंग पेपर (हिंदी और अंग्रेज़ी) भी होते हैं, जिनमें 33% अंक लाना आवश्यक है।
विषयवार विवरण (Subejct-wise Overview)
प्रमुख विषयों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
- इतिहास (History): UPSC में भारतीय इतिहास का विस्तार पूर्व एवं मध्यकाल से लेकर आधुनिक तक का है। UPSC सिलेबस हिंदी में प्राचीन भारत में सिंधु घाटी, वैदिक काल, मौर्य-गुप्त आदि सभ्यताओं का अध्ययन करना होता है; मध्यकालीन में मुगल-पूना राजवंश, दक्षिण भारत के राज्य; आधुनिक में ब्रिटिश राज, स्वतंत्रता आंदोलन। इसके लिए उपेन्द्र सिंह व रामशरण शर्मा जैसे विशेषज्ञों द्वारा लिखी पुस्तकों का अध्ययन लाभदायक है।
- भूगोल (Geography): इसमें विश्व एवं भारतीय भूगोल दोनों शामिल हैं। जलवायु, स्थलाकृति, नदी-तंत्र, प्राकृतिक संसाधन, मानवीय भूगोल (जनसंख्या, आवास) और वैश्विक भू-आकृतियाँ पढ़ी जाती हैं। उदाहरण के लिए, भारत के प्रमुख नदियाँ, पर्वतमाला, मौसमी परिवर्तन, आर्थिक एवं सामाजिक भूगोल के मूल सिद्धांत आदि। कक्षा 6-12 की NCERT भूगोल की किताबें आवश्यक आधार प्रदान करती हैं और अध्ययन में ऑक्सफोर्ड एटलस की मदद ली जा सकती है।
- राजनीति और शासन (Polity & Governance): UPSC सिलेबस हिंदी में संविधान के मुख्य सिद्धांत, संघ-राज्य संबंध, संसदीय प्रणाली, न्यायपालिका की संरचना, मौलिक अधिकार, पंचायती राज व्यवस्था, लोकसभा और राज्यसभा की संरचना आदि शामिल हैं। भारतीय राजव्यवस्था की किताब (एम. लक्ष्मीकांत) हिंदी में उपलब्ध है। भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ, नागरिक अधिकार, नीति-निर्माण प्रक्रियाएँ आदि इस विषय में आते हैं।
- भारतीय समाज (Indian Society): समाज की संरचना, विविधता, जाति-धर्म, भाषाएँ, जनसंख्या वृद्धि, सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ तथा सामाजिक न्याय के प्रश्न यहां आते हैं। इन विषयों के लिए राम अहूजा की पुस्तकें उपयुक्त हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्रों में शोषित जनगणना योजनाएँ, आरक्षण जैसे मसले भी शामिल हैं।
- अर्थव्यवस्था (Economy): भारत की आर्थिक व्यवस्था, आर्थिक नीतियां, विकास के संकेतक, बजट-आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि-उद्योग, गरीबी उन्मूलन योजनाएँ, वैश्वीकरण आदि प्रश्न पत्र में आते हैं। सतत विकास, महंगाई, मुद्रा प्रणाली जैसी समसामयिक आर्थिक चर्चाएं भी टेस्ट की जाती हैं। एन.सी.ई.आर.टी. और संजीव वर्मा जैसी पुस्तकों से आधार बनाएं।
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment & Ecology): जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक आपदाएँ, संसाधन प्रबंधन जैसे विषयों से प्रश्न आते हैं। विश्व पर्यावरण की समस्या (ग्रीनहाउस प्रभाव, ओज़ोन परत क्षरण) तथा भारत के जंगल, विलुप्त प्रजातियाँ आदि पढ़ने होते हैं। दृष्टि संस्थान की पर्यावरण पुस्तक संदर्भ के लिए उपयोगी है।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology): सामान्य विज्ञान (कक्षा 6-10 NCERT) के बुनियादी विषय जैसे भूविज्ञान, विज्ञान-तकनीक और IT, अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं। “विवा पैनोरमा” जैसा मासिक विज्ञान पत्रिका करंट साइंस अपडेट के लिए सहायक है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम विकास (जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स) पर भी नजर रखें।
- नैतिकता (Ethics): सामान्य अध्ययन-IV में नीतिक प्रश्न आते हैं, जो सार्वजनिक सेवकों के लिए नीतिशास्त्र, नैतिकता, मूल्यों और व्यवहारिक निर्णय क्षमता को परखते हैं। इसमें मानव मूल्य, ईमानदारी, करुणा, संवेदनशीलता, नैतिक दुविधाएँ, और सार्वजनिक सेवा के मूल तत्व शामिल हैं। नीतिशास्त्र की तैयारी के लिए सुब्बा राव और पी.एन. रॉय की किताब हिंदी में उपयोगी है।

साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) की तैयारी
UPSC साक्षात्कार (Persona Test) अंतिम चरण है जिसमें उम्मीदवार के व्यक्तित्व, सोचने-समझने की क्षमता, आत्मविश्वास एवं संचार कौशल की जाँच होती है। इंटरव्यू में किसी निश्चित “सिलेबस” की अपेक्षा नहीं होती, लेकिन तैयारियाँ निम्न बिंदुओं पर केन्द्रित होती हैं:
- डेटा की सम्पूर्ण जानकारी (DAF): इंटरव्यू में पूछे जाने वाले प्रश्न अक्सर Detailed Application Form (DAF) में दी गई जानकारी पर आधारित होते हैं। अतः अपना बायोडाटा/प्रोफ़ाइल पूरी तरह से समझें और हर विवरण पर स्पष्टता हो।
- करंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय करंट अफेयर्स, सरकारी नीतियाँ, महत्वपूर्ण योजनाएँ, इतिहास-कला-संस्कृति आदि की अच्छी समझ रखनी चाहिए। समाचारपत्र पढ़ना और विश्व के प्रमुख मुद्दों से अपडेट रहना जरूरी है।
- नेतृत्व और चर्चा कौशल: भाव व्यक्त करने का आत्मविश्वास, उचित बॉडी लैंग्वेज और शिष्टाचार इंटरव्यू में महत्वपूर्ण है। उत्तर देते समय स्पष्ट व तार्किक रहें। उत्तर देने से पहले प्रश्न को सोच-समझकर सुनें और अपने विचार व्यवस्थित रूप से व्यक्त करें।
- मॉक इंटरव्यू का अभ्यास: टेस्टसीरीज या परस्पर समूह बनाकर मॉक इंटरव्यू देने से आत्मविश्वास और वक्तव्य की निखार होती है। नियमित अभ्यास से प्रश्नों पर निर्भरता कम होती है।
- नैतिक और व्यवहारिक ज्ञान: इंटरव्यू में नैतिक दुविधा, भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों, समसामयिक सामाजिक-आर्थिक विषयों पर भी प्रश्न आ सकते हैं। Ethics एवं Integrity की समझ अति आवश्यक है।
- विश्वास और संयम: आत्मविश्वास तो रखें ही, लेकिन घमंड से बचें। संयमित रहें। इंटरव्यू में सादगी और विनम्रता दिखाने से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बुनियादी सलाह के रूप में, UPSC इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान,UPSC सिलेबस हिंदी में, नैतिकता, प्रभावी संचार कौशल और मॉक इंटरव्यू पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सामूहिक अध्ययन समूह और वरिष्ठ सलाहकारों से सुझाव लेना भी उपयोगी होता है।
अगर आप IAS की तैयारी कर रहे हैं तो यह भी पढ़ें: IAS की तैयारी कैसे करें
UPSC सिलेबस PDF हिंदी में डाउनलोड
UPSC सिलेबस हिंदी में आधिकारिक UPSC वेबसाइट से पीडीएफ प्रारूप में प्राप्त किया जा सकता है। आयोग प्रत्येक वर्ष सिविल सेवा परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना के साथ ही पाठ्यक्रम प्रकाशित करता है, जिसे अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषा में डाउनलोड किया जा सकता है।
- डाउनलोड करें: UPSC की वेबसाइट पर जाकर “सर्कुलर” या “सिलेबस” अनुभाग में हिंदी पाठ्यक्रम पीडीएफ लिंक मिलेगा। (उदाहरणार्थ, “UPSC Syllabus PDF in Hindi – Click Here” लिंक)। इसे डाउनलोड कर प्रतिलिपि निकालकर अध्ययन में साथ रखें।
- विवरण: यह पीडीएफ फाइल में ग्रंथसूची, प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्रत्येक पेपर का विस्तृत पाठ्यक्रम होता है। इसे गौर से पढ़ें और अध्ययन योजना बनाते समय सर्वत्र शामिल विषयों को मिलान करें।
नोट: UPSC syllabus PDF हिंदी में उपलब्ध है; इसके लिए सुनिश्चित करें कि “हिंदी माध्यम””UPSC सिलेबस हिंदी में” की लिंक चुनी जाए। इस पीडीएफ से मूल पाठ्यक्रम की जांच करना सबसे विश्वसनीय होता है।
अनुशंसित पुस्तक सूची (UPSC सिलेबस हिंदी में)
नीचे UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए हिंदी माध्यम के छात्रों हेतु UPSC सिलेबस हिंदी में कुछ प्रमुख पुस्तकें दी गई हैं। NCERT की कक्षाएं 6-12 से संबंधित पाठ्यपुस्तकें आधार बनाने के लिए अनिवार्य हैं। साथ ही अनुभवी शिक्षकों व संस्थानों द्वारा लिखी अन्य पुस्तकें सहयोगी भूमिका निभाती हैं:
- इतिहास:
- प्राचीन भारत: उपेन्द्र सिंह, रामशरण शर्मा (Orient BlackSwan)।
- मध्यकालीन भारत: सतीश चंद्र (Orient BlackSwan)।
- आधुनिक भारत और स्वतंत्रता आंदोलन: विपिन चंद्र, राजीव अहिर।
- भारत की कला एवं संस्कृति: दृष्टि पब्लिकेशन (हिंदी संस्करण)।
- भूगोल:
- विश्व एटलस (Orient BlackSwan)।
- विश्व भूगोल (मैजिद हुसैन)।
- भारत का भूगोल (मैजिद हुसैन)।
- Physical and Human Geography (G C Leong)।
- NCERT (कक्षा 11-12) “भौतिक भूगोल” और “मानव भूगोल”।
- राजनीति एवं शासन:
- भारतीय राजव्यवस्था (एम. लक्ष्मीकांत)।
- भारतीय संविधान की रूपरेखा (डीडी बसु)।
- विश्व राजनीति / अंतर्राष्ट्रीय संबंध (पुष्पेश पंत)।
- अर्थव्यवस्था:
- भारतीय अर्थव्यवस्था (नितिन सिंघानिया)।
- समष्टि अर्थशास्त्र (टी.आर. जैन, वी.के. ओहरी)।
- भारतीय अर्थव्यवस्था (संजीव वर्मा)।
- पर्यावरण प्रबंधन (Tata McGraw Hill)।
- पर्यावरण:
- पर्यावरण व पारिस्थितिकी (दृष्टि पब्लिकेशन)।
- सामयिकी: Yojana तथा Kurukshetra (हिंदी) पत्रिकाएँ।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:
- NCERT (कक्षा 6-10) विज्ञान की पुस्तकें।
- Vivanta Panorama (विज्ञान मासिक)।
- नीतिशास्त्र और नैतिकता:
- Ethics: (GS-IV) सुब्बाराव एवं पी.एन. रॉय चौधरी द्वारा “नैतिकता, सत्यनिष्ठा और योग्यता”।
- सिविल सेवा परीक्षा हेतु नैतिकता: Lexicon प्रकाशन (दृष्टि नीतिशास्त्र)।
- एनसीईआरटी: इतिहास (कक्षा 6-12), भूगोल (कक्षा 6-12), राज्यशास्त्र (कक्षा 9-12), अर्थशास्त्र (कक्षा 9-12) की हिंदी माध्यम की पुस्तकें॥
इन पुस्तकों के अतिरिक्त समसामयिक घटनाओं के लिए दैनिक समाचार पत्र (द हिन्दू हिंदी संस्करण) तथा मासिक पत्रिकाएँ (Yojana, Kurukshetra, Vision IAS Current Affairs हिन्दी) पढ़ना लाभकारी रहेगा।
अगर आप IPS की तैयारी कर रहे हैं तो यह भी पढ़ें: IPS की तैयारी कैसे करें
तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy Tips)
- सिलेबस और पैटर्न की समीक्षा: सबसे पहले UPSC सिलेबस हिंदी में और परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझें। यह सुनिश्चित करें कि आपने प्रारंभिक और मुख्य दोनों के पाठ्यक्रम को ध्यान से पढ़ा है।
- समेकित अध्ययन: प्रीलिम्स व मेन्स की तैयारियाँ एक साथ चल सकती हैं पर दृष्टिकोण अलग रखें। प्रारंभिक के लिए व्यापक कवरेज एवं मुख्य के लिए गहन अध्ययन पर बल दें।
- एनसीईआरटी की भूमिका: NCERT की कक्षा 6-12 तक की पाठ्यपुस्तकों से मूल अवधारणाएं मजबूत करें। इनसे समझ के आधार बन जाने पर उच्च स्तरीय पुस्तकें पढ़ें। (जैसे StudyIQ की बुनियादी पुस्तकें – भारतीय भूगोल, कला-संस्कृति आदि)।
- नियमित करंट अफेयर्स: दैनिक समाचार, ट्रेंडिंग मुद्दे, सरकारी योजनाओं की जानकारी रखें। ऑडियो/वीडियो/प्रिंट इनफार्मेशन को शामिल करें, क्योंकि समसामयिक घटनाएँ UPSC में अहम होती हैं।
- समय प्रबंधन और टाइम टेबल: एक ठोस अध्ययन योजना (टाइम टेबल) बनाएं और उसे प्रतिबद्धता से पालन करें। सभी विषयों को उचित समय दें; उचित पुनरावलोकन और संशोधन के लिए समय निकालें।
- प्रश्नपत्र एवं मॉक टेस्ट: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें और नियमित मॉक टेस्ट दें। इससे परीक्षा के स्वरूप की समझ विकसित होती है और गति-बोध बढ़ता है।
- स्वास्थ्य: तैयारी के दौरान स्वस्थ रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार लें और पर्याप्त नींद लें, क्योंकि UPSC लंबी दौड़ है।
- सहपाठी समूह: चर्चा समूह (Study Group) बनाएं और विचार-विमर्श करें। यह विषयों की समझ और आत्म-प्रेरणा दोनों के लिए मददगार है।
इन रणनीतियों को अपनाकर अभ्यास जारी रखें। तैयारी के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें, क्योंकि UPSC परीक्षा कठिन अवश्य है पर सही मार्गदर्शन और कठोर परिश्रम से इसे सफलतापूर्वक पार किया जा सकता है।

